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प्राचीन कथाएँ। सिनेमाई पुनर्कल्पना।

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श्रद्धा से निर्मित

उत्तर प्रदेश

मथुरा

वह नगरी जहाँ कारागार की कोठरी में आधी रात को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ — प्राचीन मधुवन के किनारे शत्रुघ्न की बसाई नगरी, तीन सहस्र वर्षों से पावन भूमि।

पवित्र स्थल

  • वृंदावन

    श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं की वनस्थली — यहाँ का हर कुंज बाँसुरी को स्मरण रखता है, और हर गली आज भी कृष्ण से पहले राधा का नाम पुकारती है।

  • निधिवन

    वृंदावन का निषिद्ध कुंज, जो हर साँझ ताले में बंद होता है — कहते हैं यहाँ श्रीकृष्ण की रासलीला आज भी चलती है, जिसे देखकर कोई साक्षी होश में नहीं लौटा।

  • मधुवन

    ब्रज के बारह पावन वनों में प्रथम — जहाँ बालक ध्रुव तप में ऐसा अडिग खड़ा हुआ कि स्वर्ग काँप उठा, और जहाँ आगे चलकर श्रीकृष्ण ने गायें चराईं।

  • गोवर्धन

    वह पर्वत जिसे श्रीकृष्ण ने इंद्र के प्रलय से ब्रज की रक्षा हेतु सात दिन कनिष्ठा पर उठाए रखा — जिसकी परिक्रमा आज भी करोड़ों भक्त नंगे पाँव करते हैं।

  • बरसाना

    पहाड़ी पर बसा राधारानी का गाँव, उन्हीं के रंगों में रँगा — जहाँ हर बसंत में विश्वप्रसिद्ध लठमार होली पर यहाँ की गोपियाँ नंदगाँव के ग्वालों को लाठियों से उत्तर देती हैं।

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